atkins can diet eat food list

atkins can diet eat food list

हिंदी वेबसाइट

हिंदीभाषियों
के लिये
एक समर्पित वेबसाइट

पारम्परिक चिकित्सा/कृषि
पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान पर आधारित मधुमेह पर वैज्ञानिक रपट


किसान और इंटरनेट
पैसे से खरीदकर रोज जहर खाता है आम भारतीय
यूँ तो हथियार न डालिये मच्छरो के आगे
आपको स्वस्थ बनाने बाट जोह रहे है देशी फल
आइये ऐसे करे पारम्परिक नुस्खो को समृद्ध
कितना कम जानते है हम देश की पर्यावरणीय सम्स्याओ के विषय मे
और अब बम भी होने चाहिये हर्बल
पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान के दस्तावेजीकरण के दौरान हो रहे विचित्र अनुभव-1
क्या आप जानते है एक पेड की कीमत?
अपने ही देश मे क्यो दुत्कारी जा रही पारम्परिक चिकित्सा पद्धति?
यदि पैरो मे गति हो तो क्या कर लेंगी राहे
ह्रदय रोगो को कहे अलविदा असाधारण पारम्परिक ज्ञान के साधारण प्रयोग से
मधुमेह से सम्बन्धित पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान पर आधारित वैज्ञानिक रपट मे प्रगति

click here

click here

click here

click here

click here

atkins can diet eat food list

NARAD:Hindi Blog Aggregatoratkins can diet eat food list

Google

हिंदी वेबसाइट में आपका स्वागत है!

किसान और इंटरनेट

आपके प्रश्न मेरे उत्तर

पंकज अवधिया

प्रश्न: आपने इंटरनेट पर किसानो के लिये उनकी अपनी भाषा मे लिखना आरम्भ किया है। आपके सैकडो हिन्दी लेख पीडीएफ के रूप मे पहले से ही उपलब्ध है। क्या आपको लगता है कि ये किसानो तक पहुँच पायेंगे?
उत्तर: भले ही वर्तमान मे इंटरनेट आम किसानो से दूर है पर जल्दी ही यह किसानो के लिये उपयोगी साबित होगा। मेरे किसानोपयोगी लेख सबसे अधिक गुजरात, पंजाब और हरियाणा के किसान पढते है। देश के दूसरे हिस्सो मे किसानो के बीच काम कर रही संस्थाओ के माध्यम से लेख किसानो तक पहुँचते है। मेरा अनुमान है कि अगले पाँच वर्षो मे बडा परिवर्तन आयेगा और किसान बडी संख्या मे इंटरनेट का उपयोग करेंगे। पर उसके लिये इंटरनेट मे जानकारियो का अम्बार लगाना होगा। अभी किसानो की अपनी भाषा मे जानकारी नही है। आज किसानो के बीच कृषि पत्रिकाए लोकप्रिय है पर ये पत्रिकाए क्षेत्रीय है और उसमे बहुत कम सामग्री होती है। आम तौर पर विशेषज्ञ उसमे एक ही तरह के लेख साल दर साल लिखते रहते है। इंटरनेट मे दुनिया भर की जानकारी है और विशेषज्ञ भी उपलब्ध है। कल ही की बात है मुझे एक सजावटी पौधे मे कुछ कीडे मिले। किसान ने पूछा कि इसके लिये क्या दवा डाले? मैने कीडे का चित्र लिया और पेस्टनेट नामक याहू ग्रुप मे भेजा। झट से दुनिया भर के वैज्ञानिको ने न केवल कीडो की पहचान की बल्कि सस्ता उपाय भी सुझा दिया। आज मैने इसे किसान तक पहुँचा दिया नि:शुल्क। मेरे ज्ञान मे भी इजाफा हुआ और किसान की समस्या भी सुलझ गयी। किसान चकित था। उसे लग रहा था कि एक महिने तो लगेंगे ही।

प्रश्न: क्या आप अभी भारतीय किसानो के लिये इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी को पर्याप्त मानते है?
उत्तर: जैसा कि मैने पहले कहा, नही। हम लोग उसी की तैयारी मे लगे है और यही वैज्ञानिक समुदाय का छोटा सा योगदान है समाज को। ये प्रयास अभी बेकार लग सकते है पर किसानो के बडी संख्या मे आने पर उनकी सतुष्टि से सारी मेहनत वसूल हो जायेगी। यह कटु सत्य है कि अभी कम लोग ही जानकारी उपलब्ध करने के प्रयास मे लगे है पर उम्मीद है इन प्रयासो से और लोग भी सामने आयेंगे।

प्रश्न: आप गूगल और याहू जैसे खोजी इंजनो के विषय मे कुछ कहना चाहेंगे?
उत्तर: बिल्कुल कहना चाहूंगा। इतने अपार संसाधन होते हुये भी विज्ञान के क्षेत्र मे मै इन्हे दस मे एक अंक से अधिक नही दे सकता। अभी उपलब्ध जानकारियो को सही तरीके से उपलब्ध कर वे किसानो से लेकर वैज्ञानिको सभी की मदद कर सकते है और धनार्जन भी कर सकते है। यह विडम्बना ही है कि ये अपनी टीम मे कम्प्यूटर मे दक्ष लोगो को रखते है पर जिनके लिये ये उत्पाद बना रहे है उनकी सुनते भी नही है। सब को साथ लेकर चलने ही से वे अपने अलावा पूरे समाज का भला कर सकेंगे।

प्रश्न: जडी-बूटी के क्षेत्र मे कैसे इंटरनेट अहम भूमिका निभा सकता है?
उत्तर: इस क्षेत्र मे इंटरनेट अभी भी अहम भूमिका निभा रहा है। बहुत से पढे-लिखे किसान या उनकी संताने अब जडी-बूटियो के अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुडने की कोशिश कर रहे है। इन किसानो के विषय मे जानकारी पाकर अब क्रेता व्यापरियो की बजाय किसानो से सीधे मिल रहे है। उन्हे एक तो सही उत्पाद मिल जाता है फिर मध्यस्थो का कमीशन नही देना होता है। जडी-बूटियो की पहचान मे भी इंटरनेट की अहम भूमिका है। मै एक सफल प्रयोग बताता हूँ। हमारे विशेषज्ञ किताबो मे लिखी बातो को ब्रम्ह वाक्य मानते है और नयी वनस्पतियो के अस्तित्व की बात होने पर यदि इसका उल्लेख किताबो मे नही मिलता तो उसे नकार देते है। पिछले कुछ वर्षो से मै पारम्परिक चिकित्सको को इंटरनेट की सहायता से दुनिया भर के डेटाबेस से पौधे दिखाता हूँ। उनमे से कुछ को वे झट से पहचान जाते है और उनकी उपस्थिति पर मुहर लगा देते है। इस तरह इन वनस्पतियो की उपस्थिति को मान्यता मिल जाती है। यह विडम्बना ही है कि हमारे देश के योजनाकार जडी-बूटियो को बचाने अरबो बहा रहे है पर यह जानने की कोशिश नही कर रहे है कि कौन-कौन सी जडी-बूटियाँ वास्तव मे संरक्षण की मोहताज है?

मै तो उस दिन का भी स्वप्न देखता हूँ जब दुनिया भर के किसान और पारम्परिक चिकित्सक इंटरनेट की सहायता से एक मंच पर आयेंगे और अपने फैसले खुद करेंगे।

इंटरनेट पर किसानोपयोगी जानकारियाँ देने वाली कुछ कडियाँ:

कम्प्यूटर
Computer
आइये कम्प्यूटर सीखें!
Computer Tutorials in Hindi
एमएस आफिस
MS Office
वर्ड (Word)
एक्सेल (Excel)
पॉवर पाइंट (Power Point)

click here

पेजमेकर
Pagemaker
पेजमेकर सीखें! (Pagemaker)

एचटीएमएल
HTML
एचटीएमएल सीखें! (HTML)

अपसामान्य (Paranormal)
अतीन्द्रिय बोध (Extrasensory perception)
भूत-प्रेत (Ghost)

आयुर्वेद (Ayurved)
आयुर्वेद! (Ayurved)

कहावतें (Proverbs)
अंग्रेजी कहावते : हिन्दी भावार्थ
English Proverbs with Hindi Meaning

सुमधुर संगीत (Melody)
सुमधुर संगीत (Melody)

भारतीय सिनेमा
भारतीय सिनेमा का इतिहास!

खोपड़ी खपायें
रु.100 में 100 आइटम लाने का प्रश्न

भोजन व पाक कला
भारतीय भोजन व पाक कला

संस्कृति
भारतीय संस्कृति!
वाल्मीकि
तुलसीदास
वाल्मीकि रामायण

यात्रा एवं पर्यटन
भारत दर्शन!

सामान्य ज्ञान
जानवरों के बारे में विशेष जानकारी (special information about animals)
आविष्कार तथा आविष्कारक
संसार की प्रसिद्ध नदियाँ!
संसार की उच्चतम पर्वत चोटियाँ
राष्ट्र के प्रमुख व्यक्ति

ब्यूटी टिप्स
सौंदर्य की विशेष सलाह

सहयोगी वेबसाइट
महिला मंडल

हिंदी वेबसाइट का चिट्ठा
हिंदी वेबसाइट के चिट्ठे
में अपने लेख डालें।

मित्र|समुदाय
गँठजोड़!
How to Speak and Write correctly

Inquisitiveness - जिज्ञासा

धान के देश में!

हिंदी वेबसाइट!

Digital Hindi Books
My Hubpage
My Lense
Forex Auto Pilot Video